विसर्जन के दिन कान फाडू डीजे वालों और उपद्रवियों से निपटना नए ‘कोतवाल’ के लिए बड़ी चुनौती

डीजे कम्पटीशन के दौरान अक्सर होती है झड़प

गाँव लहरिया न्यूज/पट्टी

पट्टी नगर में नवरात्री उत्सव बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है इस दौरान लोग माँ के विभिन्न रूपों का पूजन करते हैं स्तुति करते है. नगर को दुलहन कि तरह सजाया जाता है नगर के राजपूतचौराहे से लेकर चमन चौक तक और चौक से लेकर बाईपास  रोड तक अनेकों जगह माता के पंडाल स्थापित किये जाते हैं. और उत्साह के साथ पर्व मनाया जाता है. लेकिन जब माँ की विदायी का वक्त आता है तो एक गलत परम्परा के तहत कान फाडू संगीत का डी जे कम्टीशन आयोजित क्या जाता है. जिससे तमाम नगरवासियों को बड़ी समस्या होती है.

डी जे की तेज धमक हार्ट के रोगियों के लिए बन सकती हैं मौत का कारण

ध्वनि प्रदूषण अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है. डीजे की तेज आवाज से आम आदमी यानि स्वस्थ व्यक्ति परेशान हो उठता है. इसकी तेज ध्वनि व धमक हृदयाघात के मरीजों के लिए जानलेवा है. बावजूद इसके नगर में मूर्ती विसर्जन के दिन लगातार डीजे निर्धारित मापदंड से अधिक डेसीबल मेंबजाये जाने कि संभावना है क्यूंकि पूर्व में ऐसा होता आया है. आपको बता दें कि ध्वनि प्रदूषण अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 65 डेसिबल से अधिक ध्वनि को ध्वनि प्रदूषण में रखा गया है. साथ ही 75 डेसिबल से अधिक की ध्वनि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. डीजे की तेज ध्वनी से  सबसे अधिक हृ़दय रोगी प्रभावित हो रहे हैं. उनके लिए इस तरह की ध्वनि जानलेवा साबित हो सकती है. लिहाजा पंडाल समिति के लोगों को सूझ बूझ का परिचय देते हुए विसरजन के दौरान निर्धारित मानक के अनुसार ही डीजे बजवाना चाहिए.

क्या कोतवाल अर्जुन सिंह लगा पाएंगे DJ पर लगाम ?

विसर्जन के दौरान नगर की सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखना नए कोतवाल अर्जुन सिंह के लिए बड़ी चुनौती है. ऐसे में नए कोतवाल के लिए कल का दिन बहुत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है. एक तरफ विसर्जन के दौरान होने वाली यात्रा में हुडदंगियों को काबू में रखना ताकि कोई विवाद न उतपन्न हो और दूसरा कान फाडू संगीत बजाने वाले डी जे संचालकों पर नजर बनाए रखना ताकि वे निर्धारित मानक से अधिक ध्वनी प्रदूषण न फैला सकें.

 

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